Chhattisgarh में 50 करोड़ की रंगदारी! ढेबर परिवार को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी, इंटरनेशनल कॉल से मचा हड़कंप
रायपुर में पूर्व महापौर एजाज ढेबर और उनके भाई अनवर ढेबर को धमकी देने का मामला, कोतवाली पुलिस ने दर्ज की FIR; बिश्नोई गैंग से कनेक्शन नहीं मिला, अमन साव एंगल की भी पड़ताल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत और आबकारी घोटाले से जुड़े ढेबर परिवार को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इंटरनेशनल कॉल के जरिए परिवार के दो सदस्यों से 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने की बात सामने आई है। मामले में कोतवाली पुलिस ने करीब सप्ताहभर पहले अज्ञात कॉलर के खिलाफ धमकी और ब्लैकमेलिंग के आरोप में FIR दर्ज की थी। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान और धमकी के पीछे की असली वजह का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धमकी देने वाले ने रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर एजाज ढेबर और उनके भाई अनवर ढेबर का नाम लेकर धमकाया। अनवर ढेबर आबकारी समेत अन्य मामलों में जेल में रह चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
पुलिस अधिकारियों ने धमकी की घटना की पुष्टि की है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार किया है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन नहीं मिला
प्रारंभिक जांच में ढेबर परिवार को मिली धमकी के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने डर पैदा करने के लिए गैंगस्टर के नाम का इस्तेमाल किया हो सकता है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी देने वाला वास्तव में कौन है, उसका मकसद क्या था और क्या इस पूरे मामले के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या आपराधिक गिरोह सक्रिय है।
अमन साव कनेक्शन की भी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, झारखंड का गैंगस्टर अमन साव और उसके कथित शूटर समेत कुछ अन्य आरोपी वर्ष 2024-25 के दौरान रायपुर जेल में बंद रहे थे। पुलिस इस पहलू समेत संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, अभी तक अमन साव या उसके नेटवर्क की इस धमकी में संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
तकनीकी साक्ष्यों से खुलेगा राज
पुलिस कॉल से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है। संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी खंगाली जा रही है। एहतियात के तौर पर कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान होने के बाद ही धमकी के वास्तविक मकसद का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
